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शिक्षक भर्ती फरवरी में होगी,जल्द ही लिए जाएंगे आवेदन

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शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा फरवरी के पहले हप्ते तक

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शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा फरवरी के पहले हफ्ते तक -यूपी बोर्ड परीक्षाओं के पहले होगी शिक्षक भर्ती परीक्षा प्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालय सरकारी प्राइमरी स्कूलों में होने वाली 68,500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा फरवरी के पहले हफ्ते तक सम्पन्न हो जाएगी। वहीं सामान्य अभ्यर्थी 67 नंबर और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 60 अंक लाने पर ही उत्तीर्ण माने जाएंगे। बेसिक शिक्षा निदेशालय शिक्षक भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। विभाग की योजना है कि लिखित परीक्षा जनवरी के आखिरी हफ्ते या फरवरी के पहले हफ्ते में कर ली जाए क्योंकि 6 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। हालांकि पहले विभाग ने तय किया था कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने का नियम नहीं रखा जाएगा और इस परीक्षा के 60 फीसदी अंक शैक्षिक गुणांक में जोड़ दिए जाएंगे लेकिन बीटीसी अभ्यर्थियों के दबाव के बाद ये नियम भी जोड़ दिया गया है कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी 45 और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 40 फीसदी अंक लाने पर पास माने जाएंगे। तीन घण्टे की लिखित परीक्षा 150 अंकों की होनी है। पास हुए अभ्यर...

68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा स्पेशल न्यूज़

निदेशालय से प्राप्त सूचना के अनुसार ... 💥 लिखित परीक्षा का प्रस्ताव शासन को बुधवार को ही भेज दिया गया है। 💥 सम्भवतः परीक्षा के लिए अनुमति अगले दो तीन दिन के अन्दर मिल जायेगी। 💥समान्य तथा ओबीसी के लिए कट आफ 45% तथा एससी-एसटी तथा विशेष आरक्षित वर्ग के लिए 40% की खबर सही है। 💥परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम सचिव परीक्षा नियामक द्वारा घोषित किया जायेगा। 💥परीक्षा का आयोजन 10 फरवरी के पश्चात किसी भी दिन रखा जा सकता है। 💥 शासन की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार परीक्षा हर हाल में फरवरी में ही करानी है। इसलिए आप लोग कदापि परेशान न हों धैर्य रखें। धन्यवाद

लिखित परीक्षा में 150 में से 67 अंक लाना अनिवार्य

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए पहली बार आयोजित की जा रही लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र संबंधित मंडल मुख्यालय के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से जारी किया जाएगा। लिखित परीक्षा के आयोजन के बारे में बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। तीन घंटे की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को 150 अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के जवाब देने होंगे। प्रश्नपत्र अंग्रेजी व हंिदूी भाषा में होगा, लेकिन अंग्रेजी विषय को छोड़कर अभ्यर्थियों को बाकी विषयों के प्रश्नों के उत्तर हंिदूी में देने होंगे। परीक्षा 150 अंकों की होगी जिसमें से 67 यानी 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण माना जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्ह अंक 40 प्रतिशत यानी 60 अंक होंगे। लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए...

शनि सिंह'तन्हा' का बी.टी.सी संयुक्त मोर्चा संघ के सभी पदों से इस्तीफा

शनि सिंह तन्हा बी.टी.सी संयुक्त मोर्चा संघ के सबसे तेज तर्रार पदाधिकारियो में से एक थे प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी के गलत कार्यशैली को देखते हुए इन्होंने प्रदेश प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया । शनि सिंह के  किये गए महत्वपूर्ण कार्यो के बदौलत ही आज  बीटीसी 2014 बैच का रिजल्ट संभव हो पाया है क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके एक्टिव रहने के वजह से ही इतना सारा भीड़ इकठा होती थी नही तो अभिषेक  कभी भी इतनी भीड़ इकट्ठा नही कर पाते  इस्तिफा की घोषणा इन होने फेसबुक पे किया 👇 नमस्कार साथियों 🙏 मैं, शनी सिंह 'तन्हा' प्रदेश प्रवक्ता/जिलाध्यक्ष चित्रकूट बी0टी0सी0 संयुक्त मोर्चा संघ उ0प्र0। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से संगठन की कार्यप्रणाली में एक नकारात्मक विक्षोभ उतपन्न हुआ है। मैं उससे काफी आहत और दुःखी हुआ हूँ। मैंने कई बार संगठन के कुछ सदस्यों के समक्ष इस संबंध में चर्चा भी किया लेकिन उसका कोई सार्थक परिणाम नही मिला। प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी की अधोलिखित कार्यशैली से क्षुब्ध होकर प्रदेश प्रवक्ता के अपने पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ -- ⚫.. लिखित परीक्षा में कटऑफ ज...

5000 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलेगी योगी सरकार

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               मध्यम वर्ग के छात्रों को मिलेगा लाभ

UPTET-2017 इनवैलिड रिज़ल्ट मामला

UPTET इनवैलिड रिज़ल्ट मामला उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाइ कोर्ट  ने पूर्व में ओएमआर शीट मे बबल न भरे जाने के मामले मे अभ्यर्थियों को भले ही राहत न दी हो मगर अन्य राज्यों की हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने नए मामलों मे अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा है की परीक्षा अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट भरने की स्किल्स का परीक्षण नही अपितु पद हेतु योग्यता का परीक्षण करने के लिए है । कोर्ट ने कई मामलों का हवाला देते हुए यह भी कहा है की नियोक्ता का कार्य चयन प्रक्रिया के तहत मेरिटोरियस अभ्यर्थी का चयन करना है । यदि अभ्यर्थी द्वारा रोल नंबर /हाल टिकट नंबर , परीक्षा कोड , विषय कोड गलती से नही भरा जाता है तो उसे प्रतियोगिता से बाहर नही किया जा सकता है । कोर्ट ने कई मामलों मे यह भी माना है की तकनीकी कारणों से अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया अथवा परीक्षा से बाहर किया जाना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है जो उन्हे आर्टिकल 14 और 16 से प्राप्त होते हैं । ऐसे अभ्यर्थी जिनका रिज़ल्ट अपूर्ण शो हो रहा है वह न्यायालय की शरण ले सकते है  और किसी भी प्रकार की विधिक सहायता हेतु निःसंकोच कॉल करे ।